Output Device kya hai 2021 || जाने पूरी जानकारी हिंदी में



Output Device kya hai


Hello friends, lakeofknowledge पर एक बार फ़िर से आपका स्वागत है। आज इस पोस्ट में हम आपको बतायेगे की Output Device kya hai हमारी पिछली पोस्ट में हमने इनपुट डिवाइस के विषय में चर्चा की थी। उसमें हमने इनपुट डिवाइस क्या होते हैं कितने प्रकार के होते हैं और क्या काम करते हैं उस विषय में चर्चा की थी, उम्मीद करते हैं आपको वह पोस्ट पसंद आई होगी। तो चलिए बात करते हैं आउटपुट डिवाइस के बारे में


इनपुट और आउटपुट डिवाइस मनुष्य एवं कंप्यूटर के बीच में संपर्क का माध्यम बनने के लिए उपयोग में लाई जाती है।इनपुट डाटा को प्रोसेस करने के बाद, कंप्यूटर आउटपुट डिवाइस के द्वारा प्रयोगकर्ता को आउटपुट प्रदान करता है। कंप्यूटर मशीन से जुड़ी हुई सभी इनपुट आउटपुट युक्तियों को पेरीफेरल युक्तियां भी कहा जाता है।


Output device क्या है ?


आउटपुट डिवाइस का प्रयोग कंप्यूटर से प्राप्त आउटपुट अर्थात परिणाम को देखने के लिए किया जाता है। आउटपुट डिवाइस प्राप्त आउटपुट को सॉफ्ट (soft)अथवा हार्ड (hard) कॉपी के रूप में प्रस्तुत करते हैं। सॉफ्ट कॉपी वह आउटपुट होता है, जो यूजर को कंप्यूटर के मॉनिटर पर प्राप्त होता है, जबकि हार्ड कॉपी व आउटपुट है जो यूजर को पेपर पर प्रिंटेड(printed) रूप में प्राप्त होता है।


आउटपुट डिवाइस के प्रकार 


आउटपुट डिवाइस कई प्रकार के होते हैं जैसे 


1. मॉनिटर (MONITOR)


मॉनिटर को विजुअल डिस्प्ले यूनिट (visual display unit) भी कहते हैं। मॉनिटर कंप्यूटर से प्राप्त परिणाम को सॉफ्ट कॉपी के रूप में दिखाता है। 

मॉनिटर दो प्रकार के होते हैं 

1. मोनोक्रोम डिस्प्ले मॉनिटर।
2. कलर डिस्प्ले मॉनिटर।


Monochrome display monitor टेक्स्ट को डिस्प्ले करने के लिए एक ही रंग का प्रयोग करता है।

Color display monitor एक समय में 256 रंगों को दिखा सकता है।

मॉनिटर पर चित्र छोटे-छोटे बिंदुओं (dots) से मिलकर बनता है। इन बिंदुओं को पिक्सल्स (pixels) के नाम से भी जाना जाता है।


विशेषताएं 


1. यह टेक्स्ट और ग्राफिक्स में बहुत सारे रंग डिस्प्ले करता है।
2. इसकी स्क्रीन पर आउटपुट तुरंत डिस्प्ले हो जाता है।
3. मॉनिटर सस्ता और विश्वसनीय होता है।

Types of monitor CRT


1. Cathode ray tube (CRT) 
2. Liquid crystal display (LCD)
3. Light emitted diode (LED)
4. Three - dimension monitor (3D monitor)
5. Thin film transistor (TFT)


2. प्रिंटर (PRINTER)


प्रिंटर एक प्रकार की आउटपुट डिवाइस है, इसका प्रयोग कंप्यूटर से प्राप्त डाटा और सूचना को किसी कागज पर प्रिंट करने के लिए करते हैं। यह ब्लैक (black) और वाइट (white) के साथ-साथ कलर डॉक्यूमेंट (colour document) को भी प्रिंट कर सकता है। किसी भी प्रिंटर की क्वालिटी उसकी प्रिंटिंग की क्वालिटी पर निर्भर करती है मतलब जितनी अच्छी प्रिंटिंग क्वालिटी होगी प्रिंटर उतना ही अच्छा माना जाएगा। किसी प्रिंटर की गति कैरेक्टर प्रति सेकंड(character per second; CPS) में, लाइन प्रति मिनट (line per minute; LPM) में और पेजेस प्रति मिनट (pages per minute; PPM) में मापी जाती है। किसी प्रिंटर की क्वालिटी डॉट्स प्रति इंच (Dots per inch; DPI) में मापी जाती है अर्थात् पेपर पर एक इंच में जितने ज्यादा से ज्यादा बिंदु होंगे, प्रिंटिंग उतनी ही अच्छी होगी।

विशेषताएं 


1. एप्पल आईपैड (apple ipad), आईफोन (iphone)और आईपॉड टच(ipod touch) के द्वारा प्रिंट बहुत जल्दी प्राप्त किए जा सकते हैं।

2. वॉयरलैस (wireless) प्रिंटर के द्वारा तारों के कनेक्शन (connection) के बिना प्रिंट आसानी से और कहीं से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

Types of printer 


प्रिंटर दो प्रकार के होते हैं 

1. इंपैक्ट प्रिंटर (Impact printer)
2. नॉन - इंपैक्ट प्रिंटर (Non - Impact printer)

इंपैक्ट प्रिंटर के प्रकार 

1. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
2. डेजी व्हील प्रिंटर
3. लाइन प्रिंटर
4. ड्रम प्रिंटर 

नॉन - इंपैक्ट प्रिंटर के प्रकार 

1. इंकजेट प्रिंटर
2. थर्मल प्रिंटर 
3. लेजर प्रिंटर
4. इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रिंटर
5. इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रिंटर


3. प्लॉटर (PLOTTER) 

प्लॉटर एक आउटपुट डिवाइस है, जिसका प्रयोग बड़ी ड्राइंग के चित्र जैसे कि कंस्ट्रक्शन प्लांस (construction plans), मैकेनिकल वस्तुओं की ब्लूप्रिंट, AUTOCAD, CAD/CAM आदि के लिए करते हैं। इसमें ड्राइंग बनाने के लिए पेन, पेंसिल, मारकर, आदि राइटिंग टूल का प्रयोग करते हैं। यह प्रिंटर की तरह होता है। 

विशेषताएं 

यह खुद ही पेपर कटर का आकार करने के लिए दस्तावेजों की ट्रीमिंग (Trimming)का काम आसान करता है।

Types of plotter 


प्लॉटर दो प्रकार के होते हैं 

1. फ्लैटबेड प्लॉटर
2. ड्रम प्लॉटर 


4. स्पीकर (SPEAKER) 


यह एक ऐसी डिवाइस है, जिससे कंप्यूटर आवाज के रूप में आउटपुट दे सकता है। यह कंप्यूटर से डाटा इलेक्ट्रिक करंट (electric current)के रूप में प्राप्त करता है।
इसका उपयोग मल्टीमीडिया कंप्यूटरों के साथ किया जाता है। हम इसकी सहायता से संगीत, फिल्मों के गाने और संवाद आदि सुन सकते हैं। स्पीकर का उपयोग करने के लिए कंप्यूटर में साउंड कार्ड का होना आवश्यक है। यह कार्ड मदरबोर्ड में एक निश्चित स्थान पर लगाया जाता है।

5. प्रोजेक्टर (PROJECTOR) 


यह एक ऐसी डिवाइस है, जिसका प्रयोग कंप्यूटर से प्राप्त सूचना या डाटा को एक बड़ी स्क्रीन पर देखने के लिए करते है।
इसकी सहायता से एक समय में बहुत सारे लोग एक साथ बैठकर परिणाम देख सकते हैं।इसका प्रयोग क्लासरूम ट्रेनिंग  या एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल, जिसमें ज्यादा संख्या में दर्शक हो, जैसी जगह पर किया जाता है। इसकी सहायता से छोटे चित्रों को बड़ा करके आसानी से देखा जा सकता है। यह एक प्रकार की अस्थाई आउटपुट डिवाइस है। 

आज की पोस्ट से आपने क्या सीखा ?


तो दोस्तों, आज की पोस्ट से आपने सीखा कि Output Device kya hai, कौन-कौन से होते हैं और क्या काम आते हैं। 
इस पोस्ट में हमने आउटपुट डिवाइस से संबंधित जानकारी दी है। उम्मीद करते हैं, आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। यदि इस पोस्ट से संबंधित आपके कोई भी प्रश्न हो, तो comment section में जरूर पूछे।

संबंधित प्रश्न - 

1. अस्थाई आउटपुट डिस्प्ले किसे कहते हैं? 
उत्तर - प्रोजेक्टर।

2. CRT का पूरा नाम क्या है?
उत्तर - cathode ray tube

3. स्पीकर डाटा को किस रूप में प्राप्त करता है?
उत्तर - इलेक्ट्रिक करंट के रूप में।

4. Colour display monitor एक समय में कितने रंगों को दिखा सकता है ?
उत्तर - 256 

5. साउंड कार्ड को किस स्थान पर लगाया जाता है? 
उत्तर - मदरबोर्ड में।



Post a Comment

0 Comments